- मखाना से बदलेगी किसानों की तकदीर: युवा उद्यमी डायना फोटर की पहल को विभाग का साथ
- कृषि निदेशक का ऐलान: युवा कृषि उद्यमी हैं कृषि क्रांति की रीढ़, मखाना स्टार्ट-अप को मिलेगा पूरा समर्थन
- जम्मू में मखाना खेती सेमिनार संपन्न, कृषि निदेशक ने फसल विविधीकरण पर दिया जोर
बाबा जित्तो किसान केंद्र, तालाब तिल्लो, जम्मू में मखाना खेती पर आयोजित दो दिवसीय सेमिनार आज संपन्न हुआ। संयुक्त कृषि निदेशालय (प्रसार), जम्मू द्वारा आयोजित इस सेमिनार के समापन सत्र में जम्मू के कृषि निदेशक एवं जम्मू-कश्मीर में मखाना खेती के नोडल अधिकारी श्री अनिल गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए श्री अनिल गुप्ता ने इस सेमिनार को जम्मू-कश्मीर में मखाना को एक उच्च मूल्य वाली फसल के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने आईसीएआर-मखाना अनुसंधान केंद्र (आरसीएम), दरभंगा, बिहार के प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. इंदु शेखर सिंह की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने वैज्ञानिक मखाना खेती, उत्पादन तकनीकों, प्रसंस्करण तथा मूल्य संवर्धन से जुड़ी अपनी व्यापक एवं बहुमूल्य तकनीकी विशेषज्ञता प्रतिभागियों के साथ साझा की, जो अत्यंत सराहनीय है।

निदेशक ने प्रतिभागियों को जानकारी दी कि कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), बांडीपोरा में मखाना का एक सफल प्रदर्शन परीक्षण पहले ही स्थापित किया जा चुका है, जिसके परिणाम अत्यंत उत्साहजनक रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रदर्शन परीक्षण से प्राप्त अनुभवों के आधार पर शीघ्र ही जम्मू संभाग के उपयुक्त क्षेत्रों में मखाना खेती की शुरुआत की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि भारत सरकार ने मखाना विकास के लिए एक केंद्रीय क्षेत्र योजना को मंजूरी दी है, जो इस फसल को बढ़ावा देने पर बढ़ते राष्ट्रीय जोर को दर्शाती है। श्री अनिल गुप्ता ने कहा कि जम्मू-कश्मीर, विशेष रूप से जम्मू संभाग में मखाना खेती की अपार संभावनाएं मौजूद हैं और उन्होंने आशा व्यक्त की कि किसान इस फसल को एक लाभदायक विविधीकरण विकल्प के रूप में शीघ्र अपनाएंगे।
उन्होंने आगे कहा कि केवल सेमिनार आयोजित करने भर से मखाना खेती को सफलतापूर्वक बढ़ावा नहीं दिया जा सकता। उन्होंने बताया कि विभाग शीघ्र ही किसानों और विभागीय अधिकारियों के लिए स्थापित मखाना उत्पादक क्षेत्रों में एक्सपोजर विजिट (भ्रमण दौरे) आयोजित करेगा, ताकि वे वैज्ञानिक खेती पद्धतियों, प्रसंस्करण तकनीकों तथा आधुनिक उत्पादन तकनीकों की प्रत्यक्ष जानकारी प्राप्त कर सकें, जिन्हें बाद में जम्मू संभाग के किसानों के हित में यहां भी अपनाया जा सके।
इंटरैक्टिव सत्र के दौरान मखाना के प्रसंस्करण, ब्रांडिंग और विपणन पर आधारित एक स्टार्ट-अप से जुड़ी युवा महिला कृषि उद्यमी सुश्री डायना फोटर ने निदेशक के साथ अपने उद्यमशील प्रयास और उत्पादों की जानकारी साझा की। उनकी पहल की सराहना करते हुए श्री अनिल गुप्ता ने उन्हें विभाग के पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया और कहा कि युवा कृषि उद्यमी कृषि क्षेत्र में परिवर्तन की रीढ़ हैं। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग केंद्र शासित प्रदेश में नवाचारी कृषि-आधारित स्टार्ट-अप और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए हर संभव सहायता प्रदान करेगा।

इससे पूर्व, संयुक्त कृषि निदेशक (प्रसार) श्री इदरीस बशीर अहमद ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए जम्मू-कश्मीर में मखाना खेती की सफल शुरुआत के लिए वैज्ञानिक ज्ञान के प्रसार तथा क्षमता निर्माण के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने सेमिनार के दूसरे दिन उत्साहपूर्वक भाग लेने के लिए जम्मू, सांबा और कठुआ जिलों के किसानों के प्रति आभार व्यक्त किया और उन्हें प्रोत्साहित किया कि वे कार्यक्रम के दौरान प्राप्त ज्ञान का उपयोग अपने-अपने क्षेत्रों में मखाना खेती को बढ़ावा देने के लिए करें।


