कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उनके सामने टेबल पर वॉशिंग मशीन रखी थी। इस पर BJP वॉशिंग मशीन लिखा हुआ था। खेड़ा बोले- भाजपा जिन नेताओं पर करोड़ों के घोटाले का आरोप लगाती है, उन्हें पार्टी में शामिल करवाती है और केस वापस ले लेती है।
उन्होंने कहा कि भाजपा के पास ऐसी वॉशिंग मशीन है, जिसमें 10 साल पुराना केस भी डालो तो आरोपी बेदाग निकलता है। मशीन के साथ-साथ ये कमाल मोदी वॉशिंग पावडर का भी है।
खेड़ा ने एक पेपर जारी करके आरोप भी लगाया कि विपक्ष के नेताओं को डराने धमकाने के लिए CBI, ED और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट जैसी केंद्रीय जांच एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है।
हम ऐसी वॉशिंग मशीन न आपको बेच पाएंगे और न आप खरीद पाएंगे, क्योंकि 8,552 करोड़ की मशीन केवल एक ही आदमी रख सकता है, उसका नाम नरेंद्र मोदी है।
खेड़ा ने गिनाए BJP में शामिल होकर बेदाग होने वालों के नाम
खेड़ा ने विपक्ष के 51 केस गिनाए जिस पर कार्रवाई हो रही है। इसके अलावा उन्होंने 20 केस ऐसे गिनाए, जिनमें सत्ता पक्ष और उसके करीबी पार्टियों के नेताओं पर केस दर्ज हैं, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। खड़गे ने जिन नेताओं के बारे में कहा है उनके मुकुल रॉय, सुवेंदु अधिकारी, मिथुन चक्रवर्ती, सोवन चटर्जी, वायएस चौधरी, जगन रेड्डी का नाम भी है।
खेड़ा ने कहा कि NCP नेता प्रफुल्ल पटेल इसके जीते-जागते उदाहरण हैं। भाजपा ने उन पर अरबों रुपए के घोटाले का आरोप लगाया। जब वे NCP को तोड़कर भाजपा के साथ गए तो उनके सारे दाग साफ हो गए। असम के CM हिमंता सरमा की भी कुछ यही कहानी है।
नेता जिन पर कांग्रेस ने आरोप लगाया
- हिमंत बिस्वा सरमा: गुवाहाटी में जलापूर्ति घोटाले में आरोपी। भाजपा ने पहले उनके खिलाफ एक श्वेत पत्र निकाला था।
- नारायण राणे: इनके खिलाफ CBI/ED ने कई मामले दर्ज किए हैं। भाजपा नेता किरीट सोमैया ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे।
- अजित पवार: पीएम मोदी ने एनसीपी के खिलाफ 70,000 करोड़ के घोटाले का आरोप लगाया। ED ने सतारा के जरांदेश्वर चीनी मिल की 2010 में धोखे से हुई बिक्री में चार्जशीट दाखिल की। अजित पर जांच जारी थी।
- हसन मुश्रीफ: ED हसन मुश्रीफ से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले और कोल्हापुर स्थित चीनी मिल, संताजी घोरपड़ेशुगर फैक्ट्री में गड़बड़ियों की जांच कर रही है। फैक्ट्री मुश्रीफ का परिवार चलाता है। NCP से अलग होने के बाद कोई कार्रवाई नहीं हुई।
- छगन भुजबल: 2016 में ED ने महाराष्ट्र सदन घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में छगन भुजबल को गिरफ्तार किया था। उन्हें 2018 में बॉम्बे हाईकोर्ट ने जमानत दे दी थी। हालांकि एनसीपी से अलग होने के बाद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। भुजबल, उनके रिश्तेदारों और फर्मों के खिलाफ बेनामी संपत्ति मामले में कार्रवाई भी बंद हो गई है।
- अशोक चव्हाण: भाजपा ने उन पर आदर्श हाउसिंग सोसाइटी घोटाले का आरोप लगाया और उनके भाजपा में शामिल होने के बाद से इस मामले में कुछ भी आगे नहीं बढ़ा है।
प्रफुल्ल पर लगे आरोप झूठे तो मोदी देश से माफी मांगें-खेड़ा
खेड़ा ने कहा- प्रफुल्ल पटेल के खिलाफ CBI ने मामला बंद कर दिया है। वे कुछ महीने पहले ही BJP गठबंधन में शामिल हुए थे। प्रफुल्ल पटेल वॉशिंग मशीन में गए और साफ होकर निकले। ये महज एक नाम नहीं है बल्कि ऐसे 21 नाम हैं।
BJP ने प्रफुल्ल पटेल पर आरोप लगाए थे कि एअर इंडिया को लीज पर हवाई जहाज लेने की कोई जरूरत नहीं थी, लेकिन फिर भी हवाई जहाज लिए गए, जिससे 3000 करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हुआ। कहा गया कि पैसा हमें मिला। उस वक्त के CAG विनोद रॉय ने अनाप-शनाप टिप्पणियां कीं, लेकिन अगर आरोप झूठे थे तो नरेंद्र मोदी को इस देश से माफी मांगनी चाहिए।
मोदी सरकार संस्थाओं को कमजोर करने वाली आदतन अपराधी- खेड़ा
मोदी सरकार ने ED, IT, CBI जैसी स्वतंत्र संस्थाओं का इस्तेमाल अपना राजनीतिक विस्तार करने के लिए हथियार के रूप में किया है। चाहे वह फर्मों से इलेक्टोरल बॉन्ड की वसूली के लिए ED का दुरुपयोग हो या फिर 30 साल पुराने नोटिस के जरिए प्रमुख विपक्षी दलों को परेशान करने के लिए आयकर विभाग का उपयोग हो, भाजपा संस्थाओं को कमजोर करने में आदतन अपराधी बन गई है।