जम्मू-कश्मीर के धान उत्पादकों के लिए इस खरीफ विपणन सीजन में बड़ी राहत की खबर है। किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और भुगतान प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी एवं तेज बनाने के उद्देश्य से कृषि विभाग ने धान खरीद सीजन KMS 2026-27 की तैयारियां तेज कर दी हैं।
इसी सिलसिले में कृषि निदेशालय, जम्मू में सोमवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें धान खरीद व्यवस्था की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता कृषि निदेशक अनिल गुप्ता ने की। इसमें कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ भारतीय खाद्य निगम (FCI) के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया।

बैठक में किसानों के लिए सबसे महत्वपूर्ण जानकारी यह सामने आई कि FCI सीधे किसानों से धान की खरीद करेगा और भुगतान Direct Benefit Transfer (DBT) के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, किसानों को उनकी उपज का भुगतान अधिकतम 72 घंटे के भीतर उनके खातों में पहुंचाने की व्यवस्था की गई है।
इस सीजन में Grade A धान के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹2,461 प्रति क्विंटल, जबकि Common Grade धान के लिए ₹2,441 प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। इससे किसानों को अपनी उपज का उचित और घोषित समर्थन मूल्य मिलने की उम्मीद है तथा उन्हें बिचौलियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
🌾 धान किसानों के लिए बड़ी राहत: KMS 2026-27 में किसानों से धान की सीधी खरीद FCI द्वारा की जाएगी।
💰 MSP पर खरीद: Grade A धान के लिए ₹2,461 प्रति क्विंटल और Common Grade धान के लिए ₹2,441 प्रति क्विंटल MSP निर्धारित।
🏦 72 घंटे में भुगतान: किसानों को धान की बिक्री का पैसा DBT के जरिए सीधे बैंक खाते में, अधिकतम 72 घंटे के भीतर मिलेगा।
🔐 बिचौलियों से मुक्ति: सभी खरीद केंद्रों पर आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण लागू किया जाएगा।
📍 खरीद केंद्र बढ़े: धान खरीद केंद्रों की संख्या 25 से बढ़ाकर 27 की गई।
➕ कठुआ में दो नए केंद्र: एयरवान और मीरपुर राम में नए धान खरीद केंद्र स्थापित किए गए।
🛍️ मंडियों में बेहतर व्यवस्था: बारदाने, श्रमिकों, सफाई और अन्य लॉजिस्टिक सुविधाओं की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
👨🌾 किसानों के हित पर जोर: कृषि विभाग और FCI को खरीद प्रक्रिया शुरू होने से पहले सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
🤝 संयुक्त निगरानी: कृषि विभाग के अधिकारी और FCI प्रतिनिधि खरीद केंद्रों का संयुक्त निरीक्षण करेंगे।
⚡ भुगतान में देरी नहीं: अधिकारियों को किसानों के बिलों की प्रक्रिया तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
धान खरीद प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए सभी खरीद केंद्रों पर आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण प्रणाली भी लागू की जाएगी। इसका उद्देश्य किसानों की पहचान को सुनिश्चित करने के साथ-साथ खरीद प्रक्रिया में बिचौलियों की भूमिका को समाप्त करना और किसी भी तरह की अनियमितता की संभावना को कम करना है।
25 से बढ़कर 27 हुए धान खरीद केंद्र
धान किसानों के लिए एक और अच्छी खबर यह है कि इस वर्ष खरीद केंद्रों की संख्या बढ़ाई गई है। KMS 2026-27 में धान खरीद केंद्रों की संख्या पिछले सीजन के 25 से बढ़ाकर 27 कर दी गई है। इसके तहत कठुआ जिले में एयरवान और मीरपुर राम में दो नए खरीद केंद्र स्थापित किए गए हैं।
इससे विशेष रूप से कठुआ और आसपास के क्षेत्रों के किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए अधिक सुविधाजनक विकल्प मिलेंगे और उन्हें लंबी दूरी तय करने की परेशानी से राहत मिलने की उम्मीद है।
FCI प्रतिनिधियों ने बैठक में बताया कि 27 धान खरीद मंडियों के लिए टेंडर जारी किए जा चुके हैं। इनमें कठुआ में 13, जम्मू में 12 और सांबा में 2 मंडियां शामिल हैं। मंडियों के लिए श्रमिक ठेकेदारों (Mandi Labour Contractors) की नियुक्ति की प्रक्रिया भी जल्द पूरी की जाएगी।
जम्मू, कठुआ और सांबा में 27 मंडियां
कठुआ जिले में बाजवाल, जखबार, मढ़ीन, सांझी मोड़, चन्नी अरोरियां, पल्लि मोड़, नगरी परोल, दुंगारा/मंडली, कीरियां, मुकंदपुर, एयरवान, धन्नी-भगता और मीरपुर राम में खरीद केंद्र स्थापित किए गए हैं।
जम्मू जिले में सोहांजना, गजांसू, चनू चक, परगवाल, बिश्नाह (आर.एस. पुरा), गुरहा मानसा, ज्योड़ियां, मढ़, भदरोड़, अरनिया, खौड़/मट्टू और उधेवाला में धान की खरीद होगी।
सांबा जिले में रामगढ़ और राजपुरा में खरीद केंद्र बनाए गए हैं।
किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश
कृषि निदेशक अनिल गुप्ता ने जम्मू, कठुआ और सांबा के मुख्य कृषि अधिकारियों को खरीद मंडियों की प्रभावी निगरानी के लिए संबंधित अधिकारियों और SMS को तैनात करने के निर्देश दिए। उन्होंने FCI के साथ समन्वय कर मंडियों का संयुक्त निरीक्षण करने तथा खरीद शुरू होने से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करने पर जोर दिया।
बैठक में मंडियों में समान सफाई शुल्क, पर्याप्त संख्या में बारदाने की समय पर उपलब्धता, श्रमिकों की व्यवस्था और अन्य आवश्यक लॉजिस्टिक सुविधाओं पर भी चर्चा की गई।
कृषि निदेशक ने अधिकारियों को किसानों के बिलों की प्रक्रिया में किसी भी तरह की देरी नहीं करने के निर्देश दिए, ताकि उनकी उपज का भुगतान निर्धारित समय सीमा के भीतर उनके बैंक खातों में पहुंच सके। उन्होंने कहा कि FCI और कृषि विभाग के बीच बेहतर समन्वय से खरीद प्रक्रिया को सुचारु बनाया जाना चाहिए।
धान खरीद के लिए निर्धारित व्यवस्था से इस वर्ष जम्मू-कश्मीर के किसानों को MSP पर अपनी उपज बेचने, सीधे बैंक खाते में भुगतान प्राप्त करने और बिचौलियों से मुक्त पारदर्शी खरीद प्रणाली का लाभ मिलने की उम्मीद है। खरीद केंद्रों की संख्या बढ़ाए जाने से किसानों के लिए फसल बेचने की सुविधा भी बेहतर होगी।




